नहीं रुकेगें हम,तूफानों में चट्टानों में/
कौन सी ऐसी मुश्किल है,
फेर दे पानी अरमानों में/
ये हार है क्या ?,ये जीत है क्या है,
है जब मन्जिल अपनी मुट्ठी में/
परवाह नहीं सुख-दुख की,
हैं जब खुशियाँ अपनी मुट्ठी में/
जज्बात हैं अपनी मुट्ठी,
हर बात है अपनी मुट्ठी में/
है धरती अपनी मुट्ठी में,
आसमान है अपनी मुट्ठी में/
कन्डीसन हम बदलेगें,
है दुनिया अपनी मुट्ठी में/
सारे जहाँ से प्यार है हमको,
पर दिल है अपनी मुट्ठी में/////
कौन सी ऐसी मुश्किल है,
फेर दे पानी अरमानों में/
ये हार है क्या ?,ये जीत है क्या है,
है जब मन्जिल अपनी मुट्ठी में/
परवाह नहीं सुख-दुख की,
हैं जब खुशियाँ अपनी मुट्ठी में/
जज्बात हैं अपनी मुट्ठी,
हर बात है अपनी मुट्ठी में/
है धरती अपनी मुट्ठी में,
आसमान है अपनी मुट्ठी में/
कन्डीसन हम बदलेगें,
है दुनिया अपनी मुट्ठी में/
सारे जहाँ से प्यार है हमको,
पर दिल है अपनी मुट्ठी में/////
(राजन विघार्थी)dedicated to shivani gupta class fourth
5 टिप्पणियां:
Awesome
ललॢनटोप
धांसू
हर बात है अपनी मुटृठी में
Jindgi jiyenge apne vasoole pe
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