हर आंख मे ख्वाब है
हर चेहरे पर नकाब है
नवाब हो एक जहां के
आप का क्या जवाब है////
कुछ कमी रह गयी पृयासों
जो अपना बिगड़ा हुआ आज है/
इक आस के सहारे दुनिया चल रही है
सपना हकीकत करने को
हर जवानी मचल रही है
क्यों खुदगर्जी के सहारे दुनिया चल रही है
किसीके ही सहारे क्यों किस्मत बदल रही है///
हर हकदार को मन्जिल मिलनी चाहिए
बखेड़ा करना मेरा मक्सद नहीं
अपने ही हाथों अपनी किस्मत बदलनी चाहिए
हर आस को सांच मिलना चाहिए
इतनी तो आपकी जिम्मेवारी थी
मेरे गुरूओ
हर शिष्य को राह दिखनी चाहिए
हर चेहरे पर नकाब है
नवाब हो एक जहां के
आप का क्या जवाब है////
कुछ कमी रह गयी पृयासों
जो अपना बिगड़ा हुआ आज है/
इक आस के सहारे दुनिया चल रही है
सपना हकीकत करने को
हर जवानी मचल रही है
क्यों खुदगर्जी के सहारे दुनिया चल रही है
किसीके ही सहारे क्यों किस्मत बदल रही है///
हर हकदार को मन्जिल मिलनी चाहिए
बखेड़ा करना मेरा मक्सद नहीं
अपने ही हाथों अपनी किस्मत बदलनी चाहिए
हर आस को सांच मिलना चाहिए
इतनी तो आपकी जिम्मेवारी थी
मेरे गुरूओ
हर शिष्य को राह दिखनी चाहिए
राजन विघार्थी
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