1.कुछ लोग ढूंढ रहे हैं ठिकाना
ठिकाने लगाने के लिए,
कुछ लोग ढूंढ रहे हैं ठिकाना
पास आने के लिए,
सबको मिल गया मेरा ठिकाना
फिर न मैं रहा ,न मेरा ठिकाना.
ठिकाने लगाने के लिए,
कुछ लोग ढूंढ रहे हैं ठिकाना
पास आने के लिए,
सबको मिल गया मेरा ठिकाना
फिर न मैं रहा ,न मेरा ठिकाना.
२.हर ओर रवानी है
जोश है,जजबा है,जवानी है
औरों से अलग अपनी कहानी है
आधुनिक जीवन शैली है
पर आंखो में अभी-भी पानी है
सब सलामत है,
क्योंकी खुदा की निगेहबानी है /
जोश है,जजबा है,जवानी है
औरों से अलग अपनी कहानी है
आधुनिक जीवन शैली है
पर आंखो में अभी-भी पानी है
सब सलामत है,
क्योंकी खुदा की निगेहबानी है /
३.क्यों गिड़गिड़ा रहे हाथ फैलाकर
क्यों वक्त अपना बरबाद करते हो
हथौड़ा उठाओ मर्जी की मूरत बना लो
क्यों पत्थरों से बात करते हो.......
राजन विघार्थी
१४/०६/१७
क्यों वक्त अपना बरबाद करते हो
हथौड़ा उठाओ मर्जी की मूरत बना लो
क्यों पत्थरों से बात करते हो.......
राजन विघार्थी
१४/०६/१७
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