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सोमवार, 25 मई 2020

उर तिमिरमय घर तिमिरमय-महादेवी वर्मा

About The Mahadevi Verma - Maha Dev - Medium
                    उर तिमिरमय घर तिमिरमय,
                चल सजनि दीपक बार ले!

               राह में रो रो गये हैं,
          रात और विहान तेरे,
          काँच से टूटे पड़े यह,
             स्वप्न, भूलें, मान तेरे;
           फूलप्रिय पथ शूलमय,
         पलकें बिछा सुकुमार ले!
Mahadevi Verma (27 April 1907-11... - Multiple Action Research ...
तृषित जीवन में घिर घन-
 ; उड़े जो श्वास उर से;
     पलक-सीपी में हुए मुक्ता
       सुकोमल और बरसे;
           मिट रहे नित धूलि में
                   तू गूँथ इनका हार ले !

               मिलन बेला में अलस तू
                सो गयी कुछ जाग कर जब,
Mahadevi Verma: A Feminist Writer And Humanitarian ...
महादेवी वर्मा