शनिवार, 16 मई 2020

सोन चिरैया-राजन विघार्थी

1.आंगन सूना बिन सोन चिरैया,
सन्नाटा करे किलकारी
जहं रहवे खुश रहवे
सोन चिरैया हमारी//
                 नम आंखो से आंगन छोड़ा
            नई आस से नाता जोड़ा
            कुछ खुशियां,कुछ गमों के संग
          उसने मेरा दामन छोड़ा////
सोन सी चमके मेरी सोन चिरैया
आंगन चमके सुन किलकारी
विवेकान्नद सा व्यकतित्व चमके
अनुसुइया सी चमके कहानी 
दुवा यही है खुदा से अपनी
लक्छीबाई सी बने मरदानी// 
          सोन सी चमके मेरी सोन चिरैया   
           आंगन चमके सुन किलकारी
           जंह रहवे खुश       रहवे
        सोन चिरैया हमारी      ///
   
राजन विघार्थी
26/04/17

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