1.आंगन सूना बिन सोन चिरैया,
सन्नाटा करे किलकारी
जहं रहवे खुश रहवे
सोन चिरैया हमारी//
नम आंखो से आंगन छोड़ा
नई आस से नाता जोड़ा
कुछ खुशियां,कुछ गमों के संग
उसने मेरा दामन छोड़ा////
सोन सी चमके मेरी सोन चिरैया
आंगन चमके सुन किलकारी
विवेकान्नद सा व्यकतित्व चमके
अनुसुइया सी चमके कहानी
दुवा यही है खुदा से अपनी
लक्छीबाई सी बने मरदानी//
सोन सी चमके मेरी सोन चिरैया
आंगन चमके सुन किलकारी
जंह रहवे खुश रहवे
सोन चिरैया हमारी ///
राजन विघार्थी
26/04/17
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