उज्ज्वल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
उज्ज्वल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 24 मई 2020

अश्रु यह पानी नहीं है-महादेवी वर्मा

Rebel with a cause - The Hindu
अश्रु यह पानी नहीं है, यह व्यथा चंदन नहीं है!
                                         यह न समझो देव पूजा के सजीले उपकरण ये,
              यह न मानो अमरता से माँगने आए शरण ये,
                                                  स्वाति को खोजा नहीं है औ' न सीपी को पुकारा,
                                                                मेघ से माँगा न जल, इनको न भाया सिंधु खारा!
                        शुभ्र मानस से छलक आए तरल ये ज्वाल मोती,

प्राण की निधियाँ अमोलक बेचने का धन नहीं है।

 अश्रु यह पानी नहीं है, यह व्यथा चंदन नहीं है!

महादेवी और संस्मरणात्मक रेखाचित्र ...    
महादेवी वर्मा