ओ माँ मुझे सहारा दे
अब हम राहें भटक गये हैं
कितनी तेजी से बढ़े कदम थे
चलते-चलते अटक गये हैं
देवदारू पर चढ़ना था
चने पे ही हम लटक गये हैं
ओ माँ मुझे सहारा दे
अब हम राहें भटक गये हैं//
कब छोड़ी थी मेरी अंगुली
तब से अबतक चलते आये
एक बार नहीं
सौ बार भी गिरकर उठते
आये//
जिस पर चलते हैं
वो उतनी अच्छी लीक नही हैं
बहुत पुरानी लीक है वो तो
उस पर चलना ठीक नही है
मुझको एक नई लीक दिखा दे
पथ कोई अब ठीक बता दे
अन्दर से हम टूट चुके हैं
फिर से वह विश्वास जगा दे//
सीस तेरा न झुकने पाये
मान तेरा न मिटने पाये
इन सबकी रक्छा के खातिर
मुझको मिटने कि शक्ति दिला दे
ध्यान न मेरा हटने पाये
ऎसी भक्ती शक्ती दिला दे//
अब मुझको एक नई लीक दिखा दे
जिस पर अब बढ़ते जायें
चलते जायें-चलते जाये
पथ कोई ऎसा ठीक दिखा दे////////
अब हम राहें भटक गये हैं
कितनी तेजी से बढ़े कदम थे
चलते-चलते अटक गये हैं
देवदारू पर चढ़ना था
चने पे ही हम लटक गये हैं
ओ माँ मुझे सहारा दे
अब हम राहें भटक गये हैं//
कब छोड़ी थी मेरी अंगुली
तब से अबतक चलते आये
एक बार नहीं
सौ बार भी गिरकर उठते
आये//
जिस पर चलते हैं
वो उतनी अच्छी लीक नही हैं
बहुत पुरानी लीक है वो तो
उस पर चलना ठीक नही है
मुझको एक नई लीक दिखा दे
पथ कोई अब ठीक बता दे
अन्दर से हम टूट चुके हैं
फिर से वह विश्वास जगा दे//
सीस तेरा न झुकने पाये
मान तेरा न मिटने पाये
इन सबकी रक्छा के खातिर
मुझको मिटने कि शक्ति दिला दे
ध्यान न मेरा हटने पाये
ऎसी भक्ती शक्ती दिला दे//
अब मुझको एक नई लीक दिखा दे
जिस पर अब बढ़ते जायें
चलते जायें-चलते जाये
पथ कोई ऎसा ठीक दिखा दे////////
(राजन विघार्थी)
Written-16-08-13
Written-16-08-13
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