शनिवार, 2 मई 2020

गीत गाने दो मुझे-सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’


अब वेदना किससे कहूं – Arvind Pandey
गीत गाने दो मुझे तो,
वेदना को रोकने को।
Book review: The Outsider Inside | Lifestyle News,The Indian Express
चोट खाकर राह चलते
होश के भी होश छूटे,
हाथ जो पाथेय थे, ठग-
ठाकुरों ने रात लूटे,
सनातन मूल्यों और राष्ट्रवादी ...
कंठ रूकता जा रहा है,
आ रहा है काल देखो।
भर गया है ज़हर से
संसार जैसे हार खाकर,
Best Poems Of Suryakant Tripathi | Hindi Kahani | Kids Poetry In Hindi
देखते हैं लोग लोगों को,
सही परिचय न पाकर,
बुझ गई है लौ पृथा की,
जल उठो फिर सींचने को।
दुष्कर्म से पीड़ित नौ माह की गुड़िया ...

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