शनिवार, 16 मई 2020

तस्वीर है ये मेरे भारत महान की-राजन विघार्थी

दफन हो चुकी लोंगो की संवेदना,
नेताओं की अच्छाई कफन मांगती हैै,
जमी पे सो रही लीडली देश की ,
कुछ करो देश का,जतन मांगती है/
    नेताओं के शब्दों में स्वर्ग बन चुकी,
   तस्वीर है ये मेरे भारत महान की,
  कसींदें गढ़ते रहते हैं, नेता सभी, 
   जिसके वैभव व शान की,
   तस्वीर है ये मेरे भारत महान की,
   हर गद्दी पर चोर हैं बैठे, 
   लगाके पूरा जोर,मंचो से करते हैं सोर,
  शर्म करो खुद पे नेता जी,
  थोड़ी फिकर कर लो इस नन्ही सी जान की
  शब्दों की तस्वीर गढ़ना छोड़ो ,
  मेरे भारत महान की///////
                        राजन विघार्थी
                        ०२/०३/२०१७

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