शनिवार, 16 मई 2020

अच्छ सा पैगाम आये-राजन विघार्थी

हर कोई चाहता है ,अच्छा सा पैगाम आये
दो पल जिन्दगी में आराम आये
धूप जाये छाँव आये
दिल की बात दिलावर मान जाये
किसान भी चाहता है
बाजरे के अच्छे दाम आयें
तो खूबियां बताओ ऎसे
बाजरा भी किसी काम आये/
               वो चाहता है सबकी मान जाये
           पर सबका मकसद तो उसकी जान आये
           वो मरना भी चाहता है 
          इससे पहले की अमरनाथ पहलगाम जाये
         पर मौत भी तो किसी के काम आये 
         पर मौत भी तो किसी के काम आये  
         बदनाम हो तो हो जाये 
        यदि बदनामी से मोहबब्त मिल जाये
          
राजन विघार्थी
चित्र में ये शामिल हो सकता है: Pradip Kumar Gupta, वह संभावित टेक्स्ट जिसमें '2018-12-11-16:35' लिखा गया है
Written-06- 06-13

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