शनिवार, 16 मई 2020

खुदा किधर है-राजन विघार्थी

१.न हमे खबर है,न तुम्हें खबर है
   किधर शान्ति है,शुकूँ किधर है
       हम तनहां यहां है,तनहां जहां है
          मैं ढूंढ रहा हूं, खुदा किधर है
             उसकी हैं सन्तान है यहां सब
               कया? उसे पता है ,उसे खबर है
                 सब ढँढ रहे अपना-२ मकसद
                    यहाँ खुदा की किसे फिकर है///
2.हर दफा सोचता हूँ, कई दफा सोचता हूँ,
   कोई तो करे मेरे साथ वफा,सोचता हूँ,
आप या कोई और ,मुझे कुछ समझता ही नहीं
यहां हर कोई खुदा है या हिस्सा है उस खुदा का,
 जाने क्यों मैं ऐसा सोचता हूं//////

3.जाने पहचाने चेहरे हैं सब,
    फिर मैं क्यों अनजाना रहता हूँ,
         कहते हैं ,यहां तो सब अपने हैं
            फिर क्यों बेगाना लगता हूँ
               खुली किताब है जीवन की
                  फिर क्यों अफसाना लगता हूँ//////
राजन विघार्थी
10/08/17
   
  
 

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