शनिवार, 16 मई 2020

आयी होली-आयी होली-राजन विघार्थी

आयी होली-आयी होली,
सबके घर सज रही रंगोली
कोई रंग से कोई आटे से,
कोई गोली से बना रहा रंगोली
जल गयी होली- जल गयी होली
कोई होली ताप रहा है,कोई सरपट भाग रहा है
कोई रसगुल्ले के खातिर अपना मुंह तो नाप रहा है//
घर पर बैठी है खुशिया,
बनती देख रही है गुझिया
भाग-भाग कर गोरे लाल,
लगा रहा सबको गुलाल
किसी के गाल किसीके बाल,
किसीका चेहरा हो गया लाल
दिब्यांसी,पृियांसी,अन्तिमा वैशाली 
घर पर बैंठी थी खाली
अंकिता,खुशी घूंम रहीं थी, लेके पकवानों की थाली
और चाहिए उपासना ,पृीती माँ से बोलीं
आस्था निहारिका निहार रहीं थी
जाती हुई बच्चों की टोली///////
                                   राजन विघार्थी
Dedicated to खुशी गुप्ता Class second barra kanpur nagar

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