भूखा रहा बुजुर्ग,आन्दोलन करता रहा
हर आन्दोलन से चोर-उचक्का निकलता रहा
रह रह कर समुदृ मन्थन चलता रहा
कभी केजरी- कभी लालू बनके जहर निकलता रहा/
हर आन्दोलन से चोर-उचक्का निकलता रहा
रह रह कर समुदृ मन्थन चलता रहा
कभी केजरी- कभी लालू बनके जहर निकलता रहा/
जेपी ने दी आहुत लालू निकल पड़ा
अन्ना ने दी आहुत केजरी निकल पड़ा
आहुत थी अमृतके लिए
हर दफा क्यों विष निकल पड़ा
भगवान की भीड़ में राहू निकल पड़ा///
अन्ना ने दी आहुत केजरी निकल पड़ा
आहुत थी अमृतके लिए
हर दफा क्यों विष निकल पड़ा
भगवान की भीड़ में राहू निकल पड़ा///
भैंसो का चारा लालू खा गया
इनसानियत जो बची थी
केजरी बिचारा खा गया
ऊब गयी जनता तो
राज भगवा आ गया/////
राजन विघार्थी
14/04/17
इनसानियत जो बची थी
केजरी बिचारा खा गया
ऊब गयी जनता तो
राज भगवा आ गया/////
राजन विघार्थी
14/04/17
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