2..वक्त बदलता है ख्वाब बदल जाते हैं
समय के साथ जनाब बदल जाते हैं
हमारा सवाल तो वही रहता
वक्त के साथ जवाब बदल जाते हैं//
3..लोग जब रह-रहकर जख्म कुरेदते हैं
चीख और दर्द का ढेर निकलता है
मनमसोस कर रह जाता हूँ जब
मेरे सुर्ख लबों से इक सेर निकलता है//
राजन विघार्थी
26/04/17
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1 टिप्पणी:
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