भूला नहीं हूं ,सबकुछ याद है
सांय- सांय गूंजता है, सन्नाटा कानों में
कुछ और नही है ,तुमको मेरी आवाज है
अंधेला छाया हमारी आंखो में है
पर उजाला अभी याद है
सुन तो सही ध्यान से
सन्नाटा मेरी आवाज है/
सांय- सांय गूंजता है, सन्नाटा कानों में
कुछ और नही है ,तुमको मेरी आवाज है
अंधेला छाया हमारी आंखो में है
पर उजाला अभी याद है
सुन तो सही ध्यान से
सन्नाटा मेरी आवाज है/
राजन विघार्थी
4/11/17
4/11/17
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