1...हंसकर गुजार लें दो पल
आगे देखेगें
जो हमपे बीतेगी
मौत से जंग है
कुछ बाजी जिन्दगी भी जीतेगी
कुछ सबक मौत को सिखायेंगें
कुछ सबक जिन्दगी भी सीखेगी
आगे देखेंगें
जो हमपे बीतेगी,///////
आगे देखेगें
जो हमपे बीतेगी
मौत से जंग है
कुछ बाजी जिन्दगी भी जीतेगी
कुछ सबक मौत को सिखायेंगें
कुछ सबक जिन्दगी भी सीखेगी
आगे देखेंगें
जो हमपे बीतेगी,///////
2..हार के डरसे क्यों युध्द छोड़ दें
संघर्ष सनातन धर्म है मनुष्य का
तो क्यो कर्तव्य पथ छोड़ दें
हर बार न सही
आओ दो - चार बार
मौत का गुरूर तोड़ दें
संघर्ष है सार जिन्दगी का
तो फिर क्यों संघर्ष पथ छोड़ दें
आओ दो- चार बार
मौत का गुरूर तोड़//////
संघर्ष सनातन धर्म है मनुष्य का
तो क्यो कर्तव्य पथ छोड़ दें
हर बार न सही
आओ दो - चार बार
मौत का गुरूर तोड़ दें
संघर्ष है सार जिन्दगी का
तो फिर क्यों संघर्ष पथ छोड़ दें
आओ दो- चार बार
मौत का गुरूर तोड़//////
3.. सहज नही हैं जीवन जीना
नीर छोड़ अस्रु को पीना
हो गया भले ही छलनी सीना
खड़े हुए हैं ताने सीना
कठिन बहुत है
ऐसा करने का जज्बा तो है
दावेदारी बहुत मजबूत है मौतकी
पर अभी जिन्दगी का कब्जा तो है/////
नीर छोड़ अस्रु को पीना
हो गया भले ही छलनी सीना
खड़े हुए हैं ताने सीना
कठिन बहुत है
ऐसा करने का जज्बा तो है
दावेदारी बहुत मजबूत है मौतकी
पर अभी जिन्दगी का कब्जा तो है/////
राजन विघार्थी

12/12/17

12/12/17
2 टिप्पणियां:
बहुत अच्छा
जानदार ,शानदार, जबरदस्त
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