तूफां न कुछ बिगाड़ सके अपना
हम दरिया के पार भी खूब गये
हर आपदा से बचा लिया खुदको
बस किसी के प्यार में डूब गये//
तूफानों से तेज दौड़े,हम हिरनों से भी जीत गये
दो पल किसी का इन्तिजार कर लिया
और हम सारी दुनिया से पीछे छूट गये
फिर न जाने क्यों वे हमसे रूठ गये
जिनके लिए दुनिया से छूट गये
वो रूस्खत हो गये हमारी दुनिया से
धीरे-धीरे हम अन्दर से टूट गये////////// ////
हम दरिया के पार भी खूब गये
हर आपदा से बचा लिया खुदको
बस किसी के प्यार में डूब गये//
तूफानों से तेज दौड़े,हम हिरनों से भी जीत गये
दो पल किसी का इन्तिजार कर लिया
और हम सारी दुनिया से पीछे छूट गये
फिर न जाने क्यों वे हमसे रूठ गये
जिनके लिए दुनिया से छूट गये
वो रूस्खत हो गये हमारी दुनिया से
धीरे-धीरे हम अन्दर से टूट गये////////// ////
राजन विघार्थी