गुरुवार, 20 जनवरी 2022

निःशब्द

नि: शब्द से ....
बैठे वो दोनों .....
एक दूसरे के सामने ....
निःशब्द
पलकें उठी...
नजरें मिली .....
और
 बात हो गयी ....
शिकवा भी था....
शिकायत भी थी....
मान भी था....
मनुहार भी था....
हौले से....
थरथराये लव...
पर निःशब्द 
और.....
बात हो गयी .....
नि:शब्द से...

#  नीलम. " नीरा "

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