शनिवार, 1 अगस्त 2020

खिलौनेवाला -सुभद्रा कुमारी चौहान

वह देखो माँ आज
 खिलौनेवाला फिर से आया है।
 कई तरह के सुंदर-सुंदर
 नए खिलौने लाया है।

 हरा-हरा तोता पिंजड़े में,
गेंद एक पैसे वाली,
छोटी सी मोटर गाड़ी है,
सर-सर-सर चलने वाली।

 सीटी भी है कई तरह की,
कई तरह के सुंदर खेल,
चाभी भर देने से भक-भक,
करती चलने वाली रेल।

 गुड़िया भी है बहुत भली-सी,
पहने कानों में बाली,
छोटा-सा 'टी सेट' है,
छोटे-छोटे हैं लोटा थाली।

 छोटे-छोटे धनुष-बाण हैं,
हैं छोटी-छोटी तलवार,
नए खिलौने ले लो भैया,
ज़ोर-ज़ोर वह रहा पुकार।

 मुन्‍नू ने गुड़िया ले ली है,
मोहन ने मोटर गाड़ी
 मचल-मचल सरला करती है,
माँ ने लेने को साड़ी,

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