किसी ने कहा मुझसे.....
तुम बड़ा प्रेम लिखती हो...
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मैं हौले से मुस्कुराई...
फिर आहिस्ता से बोली...
चलो तुम्हारी बात मानती हूं....
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आज से क्या...
अभी से प्रेम लिखना छोड़ती हूं....
नफरत लिखना शुरू करती हूं...
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इसका शुभारंभ मै...
अभी से तुमसे करती हूं...
बोलो मंजूर है...
फिर दोनो खिलखिलाए....
# नीलम "नीरा"
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