शनिवार, 16 मई 2020

एक रोज सवेरा होगा--राजन विघार्थी

आज अंधेरी गर्त में हूँ,एक रोज सवेरा होगा
'आज' किसीका हो सकता है ,एक रोज मेरा होगा
मन्जिल कदमों पर होगी,बुलन्द सितारा अपना होगा
धरती अपनी होगी,आसमान भी अपना होगा
ख्वाहिस फलीभूत होगी,पूरा हर सपना होगा
मेरी संकल्पों के आगे,हर असफलता को झुकना होगा
दुनिया को रेस के मैदान ,मेरे खातिर रूकना होगा
दुर्बलकाया के पदचिन्हों पर,अब शिंहासन को झुकना होगा
राजन विघार्थ
०६/०४/२०१७

खुद से इतना दूर हुए--राजन विघार्थी

1...ख्वाब जब चकनाचूर हुए,
हम कितने बेबस कितनेमजबूर हुए/
लोगों का गैर तो होना ही था,
जब हम खुद से इतना दूर हुए/
2-कल- की हंसी के चक्कर में,
  पप्पू ने आज रो दिया /
  पड़ोसी से जले इस कदर,
अपनी ही जमीं पर बबूल बो दिया/
घमण्ड में चूर है,हर शख्स इतना,
हर किसी ने अपना आपा खो दिया///
३--अन्धे नहिं करत हैं, मुख देखा व्यवहार
   अन्तरात्मा से करत हैं, झगड़ा हो या प्यार,
   झूठा आशिक है वो,चिल्ला-२ कर करे इजहार
   वरना मूकबधिर होता है,यारो सच्चा प्यार////
                 दिल की बात बाइ राजन विघार्थी
                 २१/०३/२०१७

तस्वीर है ये मेरे भारत महान की-राजन विघार्थी

दफन हो चुकी लोंगो की संवेदना,
नेताओं की अच्छाई कफन मांगती हैै,
जमी पे सो रही लीडली देश की ,
कुछ करो देश का,जतन मांगती है/
    नेताओं के शब्दों में स्वर्ग बन चुकी,
   तस्वीर है ये मेरे भारत महान की,
  कसींदें गढ़ते रहते हैं, नेता सभी, 
   जिसके वैभव व शान की,
   तस्वीर है ये मेरे भारत महान की,
   हर गद्दी पर चोर हैं बैठे, 
   लगाके पूरा जोर,मंचो से करते हैं सोर,
  शर्म करो खुद पे नेता जी,
  थोड़ी फिकर कर लो इस नन्ही सी जान की
  शब्दों की तस्वीर गढ़ना छोड़ो ,
  मेरे भारत महान की///////
                        राजन विघार्थी
                        ०२/०३/२०१७

अपनी छोड़ो यारो-राजन विघार्थी

सततसंघर्षो पर जीना होगा,
अमरत जान अस्रु पीना होगा/
पथिक अकेला चलना होगा,
खुले आसमाँ सोना होगा
तम्हारी हालत के जो दोषी हैं,
उनको तुम माफ करो
अपनी छोड़ो यारो,
औरों का रास्ता साफ करो /  
   कुछ खुदा मदद करेगा यारो,
कुछ तुम अपने आप करो
समस्याओं की बात हटाओ ,
सिर्फ सलूसन की बात करो /
मन को सकून मिलेगा ,
बस राम नाम का जाप करो/ 
अपनी छोड़ो यारो,औरों का रास्ता साफ करो /
         राजन विघार्थी
         २६/११/१६

मुस्किलों में मुस्कुराना चाहिए-राजन विघार्थी

मुस्किलों में मुस्कुराना चाहिए
जिन्दगी कुछ इस तरह जीना चाहिए
जब गम मिटायें न मिटें
बियर बार में बैठके
नींबू पानी पीना चाहिए/
बीवी से प्यार बढ़ाना चाहिए
जब सितारे गर्दिस में हों
धीरे-धीरे ही सही
पड़ोसन से ध्यान हटाना चाहिए
रौदृ रूप बीवी का जब दिखे
भगवान शंकर की तरह लेट जाना चाहिए/
         
थोड़ी बहुत मार-पीट सह लेना चाहिए
बीवी की ज्यादतियाँ जब बढ़ने लगे,
सासू माँ को बताना चाहिए
सऌूसन फिरभी  मिले 
तो माँ को आगे बढ़ाना चाहिए
क्योंकी हर माँ जानती है 
बहू से कैसे निपटना चाहिए/
दर्द चेहरे पर  दिखना चाहिए
उसको तो बस कापी पे लिखना चाहिए
कवी तो ऐसा होना चाहिए
मार्केट काई भी हो
आटा-दाल की तरह बिकना चाहिए///
                           राजन विघार्थी

प्यार में Ph.D-राजन विघार्थी

Definition-प्यार फटी एक चड्डढी है
                  न पहनी जा सकती है
                  न उतारी जा सकती है
                मैं तो कहता हूँ
                प्यार गले की हड्डी है
               न निगली जा सकती है
               न निकाली जा सकती है
Procedure-
प्यार की
इस गुदगुदी सी कहानी को
इस खुदखुशी की कहानी को
न बाप को बतायी जा  सकती है
न माँ को सुनायी जा सकती है
दर्द तो बस इतना है
ये न भाई से छुपायी ज सकती है
डाटा जब जितना हो इसका
बस इसकी आडियो फ्रेन्ड को सुनायी जा सकती है//
प्यार यार  की  ये बातें दिल में बहुत ही चुभती हैं
दोस्तों के संग चल जायें तो बसन्त बहार सी लगती हैं
घर में यदि चल जायें तो बेघर को असाढ़ सी लगती हैं,
फिर छप्पर सी गरदन झुक जाती है
सब थुनिहा से खड़े हो जाते हैं
बड़े तो बड़े ही रहते हैं,छोटे भी बड़े हो जाते हैं////
Result-सुन प्यार के निष्कर्षो को
         माँ आल्हा सी गाली गाती है
         भाई पागल सा हो जाता है
         पापा लट्ठ बजाते हैं   
        लौंडे सुना के किस्सा साथी को
       अपने दिल की हवस बुझाते हैं//////////
                                 राजन विघार्थी
                          कानपुर नगर

तू मेरे दिल में बसती है-राजन विघार्थी

तू मेरे दिल में बसती है
तेरे पाने की हसरत है
दिल का पृाणायाम है,तू दिल की कसरत है
तू एक नजर कर दे,बस इतनी चाहत है
तू हीर है मेरे दिल की,तू मेरी हजरत है
दिल के हर दरवाजे पर,बस तेरी आहट है
तू एक नजर कर दे,बस इतनी चाहत है//
तू फागुन की मस्ती है,तू सावन का महीना
तू मेरे खून का हिस्सा है,या माथे का पसीना है
तू मेरे लिए मन्दिर,तू मेरा मदीना है
जो मेरे दिल में बस गयी है,तू ऎसी ही हसीना
तेरे लिए जीना अब तो तेरे लिए मरना है
जो मेरे दिल में बस गयी है,तू ऎसी ही हसीना है/////
दिल की बात (राजन विघार्थी)
written-10/12/2015