कुछ सवाल जवाब
क्या पेड़ों को याद रहते हैं
वो पत्ते
जो छोड़ गए उन्हें पतझड़ में
क्या आसमान याद करता होगा कभी
टूट गए तारों को
फूलों को याद रहती होगी क्या
उनकी सुगंध
सूख जाने के बाद
याद रखा होगा क्या चिड़ियों ने
उस पेड़ को
जिसपे बनाया था कभी एक छोटा सा घर
शायद नहीं
पर हम यादों से बने लोग थे
कभी भी कुछ भी ना भूलने के लिए शापित😶
...............
...हां
याद रहता है सब कुछ
जब टूटते हैं पेड़ों से पत्ते
छोड़ जाते हैं अपने निशाँ,
तभी तो...फिर उस जगह फूटती नहीं कोई नई कोपल...
आसमान से टूटा हुआ तारा
जोड़ देता है मन से मन के तारों को
उस तारे की रिक्तता हमेशा ही आसमान में बनी रहती है ....कभी गौर से देखो तो
पर शायद ही कोई उस टूटन को महसूस करता हो...
फूल कभी जुदा ही नहीं होते खुशबू से
कभी देखो किताबों में रखे फूलों को...
बरसों बाद भी अपने अंदर समाई सुगंध से महका देते हैं मन का एहसासों का कोना कोना...
चिड़ियों का गहरा नाता है पेड़ो से...
एक सुखद संसार उसी पेड़ से बना होता है उसका...
तभी तो चूजों के चले जाने के बाद भी.....
वो घोंसला तो छोड़ती है पर..पेड़ से जुड़ाव कभी नहीं छूटता ...
सच कहा ...तुमने...
हम यादों से बने लोग हैं....
शापित नहीं हैं....
क्योंकि...
यादें ही हैं जो हमें जीवित रखती हैं...एक उम्मीद ..एक आशा जगाए रखती हैं... अंतर्मन के कोने में...
एहसासों में भावनाओं के समुंदर में...जीवित रखती है हमें ...कभी मरने नहीं देती.... हमको
और हमारे अपनों को... वक्त को फिर से दोहराती हैं.... यादें...
याद तो उन्हें भी रखती हैं ..जो जाते हैं हमें छोड़ कर...
पर देखो ना... सखी
यादें ही तो हैं जो हमें जिंदा रखती हैं... जीवंत रखती हैं...
फिर उनको शापित कैसे कहूं...
यादें अच्छी बुरी जरूर होती हैं... पर ज्ञान समझदारी जैसे अनमोल रत्न तो देती ही हैं...
मुझे नहीं भूलना अच्छी बुरी यादों को...
क्योंकि वक्त बदलता है...तभी तो कुछ यादें कभी जो अच्छी हुआ करती थी जिनमें कभी हम मुस्कुराए थे आज बुरी लगती हैं ...
और कभी बुरी यादें...हमारी जिन्दगी बदल देती हैं.... और एक मुस्कान आ ही जाती है...
सच यादें तो यादें हैं... अनमोल बहुमूल्य...उपहार स्वरूप...😘
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