रविवार, 24 अगस्त 2025

कुछ सवाल जवाब

कुछ सवाल जवाब

क्या पेड़ों को याद रहते हैं 
वो पत्ते
जो छोड़ गए उन्हें पतझड़ में

क्या आसमान याद करता होगा कभी
टूट गए तारों को

फूलों को याद रहती होगी क्या
उनकी सुगंध
सूख जाने के बाद
याद रखा होगा क्या चिड़ियों ने
उस पेड़ को
जिसपे बनाया था कभी एक छोटा सा घर
शायद नहीं
पर हम यादों से बने लोग थे
कभी भी कुछ भी ना भूलने के लिए शापित😶

...............

...हां 
याद रहता है सब कुछ 
 जब टूटते हैं पेड़ों से पत्ते
छोड़ जाते हैं अपने निशाँ,

तभी तो...फिर उस जगह फूटती नहीं कोई नई कोपल...
 आसमान से टूटा हुआ तारा 
 जोड़ देता है मन से मन के तारों को
उस तारे की रिक्तता हमेशा ही आसमान में बनी रहती है ....कभी गौर से देखो तो
 पर शायद ही कोई उस टूटन को महसूस करता हो...
    फूल कभी जुदा ही नहीं होते खुशबू से 
 कभी देखो किताबों में रखे फूलों को...
 बरसों बाद भी अपने अंदर समाई सुगंध से महका देते हैं मन का एहसासों का कोना कोना...
 चिड़ियों का गहरा नाता है पेड़ो से...
एक सुखद संसार उसी पेड़ से बना होता है उसका... 
तभी तो चूजों के चले जाने के बाद भी..... 
 वो घोंसला तो छोड़ती है पर..पेड़ से जुड़ाव कभी नहीं छूटता ...
     सच कहा ...तुमने...
हम यादों से बने लोग हैं....
 शापित नहीं हैं....
क्योंकि... 
यादें ही हैं  जो हमें जीवित रखती हैं...एक उम्मीद ..एक आशा जगाए रखती हैं... अंतर्मन के कोने में...
एहसासों में भावनाओं के समुंदर में...जीवित रखती है हमें ...कभी मरने नहीं देती.... हमको 
और हमारे अपनों को... वक्त को फिर से दोहराती हैं.... यादें...
 याद तो उन्हें भी रखती हैं ..जो जाते हैं हमें छोड़ कर...
  पर देखो ना... सखी 
 यादें ही तो हैं जो हमें जिंदा रखती हैं... जीवंत रखती हैं...
फिर उनको शापित कैसे कहूं...
यादें अच्छी बुरी जरूर होती हैं... पर ज्ञान समझदारी जैसे अनमोल रत्न तो देती ही हैं...
 मुझे नहीं भूलना अच्छी बुरी यादों को...
क्योंकि वक्त बदलता है...तभी तो कुछ यादें कभी जो अच्छी हुआ करती थी जिनमें कभी हम मुस्कुराए थे आज बुरी लगती हैं ...
 और कभी बुरी यादें...हमारी  जिन्दगी बदल देती हैं.... और एक मुस्कान आ ही जाती है...
सच यादें तो यादें हैं... अनमोल बहुमूल्य...उपहार स्वरूप...😘

डॉ नीलम गुप्ता "नीरा"

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