शनिवार, 7 जून 2025

जिंदगी और मौत का गुरूर

हम भी गुरूर मे है
मौत भी गुरूर मे है
हम भी दौड़ मे है
मौत भी दौड़ मे है
हम दोनो के बीच मे 
बस फर्क है इतना 
हम जिंदा रहने कि दौड़ मे है
मौत मुझे मारने कि दौड़ मे है
मौत भी जीत गई है
हम भी जीते हुए है
हम दोनो कि जीत मे
 वो मुझे मारकर के है जीती
हम लोगो के दिल मे
जिंदा रहकर के है जीते
हम भी गुरूर मे है
मौत भी गुरूर मे है।

                                        अंकुर गुप्ता 

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