गुरुवार, 2 मार्च 2023

सफर

सुना था ....
 "सफर"  हमेशा सुहाना होता है...
पर वो...

 कैसा "सफर" था  जो....
 मैं आज तक "सफर" कर रही हूँ
एक "सफर" से दूसरे "सफर" का  "सफर"  
ऐसा "सफर" होता है जो मैं ही नहीं 
वल्कि
स्वंय "सफर" को भी "सफर" तय करना पड़ता है....

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